एक और एक मिलकर दो हुए, यह गणित की मिसाल है,
एक और एक को मिलने न दें, यह कूटनीति की चाल है।।
एक और एक जब ग्यारह बनें, यह संगठन की जीत है,
एक और एक जब एक ही रहें, यह सच्चे प्रेम की रीत है।।
एक को एक के विरुद्ध करें, यह राजनीति का खेल है,
एक और एक जब अनगिनत बनें, तब क्रांति की बेल है।।
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